Posts filed under ‘bebasi’

Tanha Muzafir tha!

One more poem dedicated to my dear readers. Read on and do comments please. I will write it later in English script too.

एक तन्हा मुसाफिर था,
राहों पे यूं चलते हुये
अपनी ही धुन में ग़ाफिल था

आयी लहर थी कुछ सपनों की,
नए राहें रौशनी उसने भी
देखी थी वहां झलक अपनों की

अन्जान न था वो दुनिया के दस्तूर से,
वो टूटते जज्बो़ से देखे
इन्सानी चेहरे होते बेनूर से

फिर शामिल वो भी था उस जमात में,
बनते जहां कम ही फसाने
पर मिटते ज़रूर चन्द क़दमात में

था कभी मशगूल अपनी ही बातों में,
चाहें हो तन्हा वो लेकिन
त‍ल्लीन था अपनी ही सौगातों मे

आया फिर एक हवा का झौंका,
बनते हुये तमाम एहसास
अलफाज़ को ऐसा उसने रोका

और भी तन्हा दिन,अकेली रातें थीं,
तन्हा तो वो था पर अब
उसकी अपनीं तन्हाईयां भी न उसके हाथों थी

एक बार फिर तन्हा मुसाफिर था,
झूठे हुये सारे माइने
टूट चुका जिंदगी का उसकी नाफिर था
Hindi Shayari

Advertisements

June 10, 2007 at 9:54 pm 8 comments

मेरे दर्द का तुझे निशां भी न मिलेगा-इकशायर

From many days, I am not able to post any poetry. Today lets try, something small.. for sms..
Theme.. ok.. about a true lover!

Mere dard ka tujhe koi nishaN naa milega,
Dhoondoge toh ek zarra bhi naa milega !!
Mit chuka woh hai dard dujoN ka mitane….
Band teri ankhein..Unhe shubah bhi na milega !!

This one come out to be a sad one?

अब इसे देवनागरी में पढ़ें –
(more…)

June 3, 2007 at 5:10 pm 9 comments

Mein Madhosh nahin hoon

Here are few lines from me. These lines are about a person who looks fine but actually he is not. He is pretending to be fine and lively but actually even his senses are not in his control.

So we may continue now ..
First I will write in Devnagri script ie. HINDI then shall write it in English script.

लेकिन मैं मदहोश नहीं हूं

बिन मय बहकें मेरे क़दम,
लेकिन मैं मदहोश नहीं हूं |

दिखे अनजाने सारे जाने चेहरे,
लेकिन मैं मदहोश नहीं हूं |

जब तब थम जाये सोच मेरी,
लेकिन मैं मदहोश नहीं हूं |

हर दूजे पल बहके धङकन मेरी,
लेकिन मैं मदहोश नहीं हूं |

ख़ाली जैसे सारे जज्ब़ मेरे,
लेकिन मैं मदहोश नहीं हूं |

निहारे एक-टक उस छोर आंखे मेरी,
लेकिन मैं मदहोश नहीं हूं |

दौङे है सिहरन यूं जिस्म मेरे,
लेकिन मैं मदहोश नहीं हूं |

नहीं है मुझे होश मेरा ,
लेकिन फिर भी मैं मदहोश नहीं हूं |

~ikShayar
(more…)

May 30, 2007 at 10:22 pm 4 comments

Newer Posts


Promoting original Poets

Shayari forum

RSS Join the Indian Discussion

  • An error has occurred; the feed is probably down. Try again later.