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शायरी – कविता हिन्दी में (होली के रंग) -Holi ki Shayari

Holi,

A very famous – colourful festival of India. Now when its season of HOLI everywhere then how come “ikshayar” can left untouched by it. Its a small attempt from me for Holi ki shayari.

होली की शायरी को मैं हिन्दी में भी लिखुंगा-

अनेक रंग है इस पर्व के, अनेक रंग समेटे है ये
त्योहार है ये रंगों का, अनेक रंग समेटे है ये

पर्व ये ऐसा जब रंग सारे खिलते है,
बैर और दुश्मनी के दंभ सारे धुलते हैं,
बहता है रंग जो चहुं ओर
मित्रता के संगत बनते हैं

पर्व ये ऐसा जब रंग सारे खिलते है,
प्रीत की रीत के परि‍णय बनते हैं,
होती है मादकता हर ओर
प्रेम के मधुर पग बढ़ते हैं

पर्व ये ऐसा जब रंग सारे खिलते हैं,
जीवन पे पसरी नीरसता मिटती है,
होती है प्रसन्नता सभी ओर
नयी उमंग में सब संग बढ़ते है

अनेक रंग है इस पर्व के, अनेक रंग समेटे है ये
त्योहार है ये रंगों का, अनेक रंग समेटे है ये

अब इसे मैं अंगरेजी में लिखुंगा ताकि जिन्हें देवनागरी की समझ न हो वे भी इसको बिना कठिनाई पढ़ सकें |
Now I will write same with help of english so that those who cant read Hindi but can understand can also read it .

Holi ke Rang
(more…)

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March 3, 2007 at 9:05 am 60 comments


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